'एग्जिट प्लान' को बखूबी अंजाम दिया केजरीवाल ने
'एग्जिट प्लान' को बखूबी अंजाम दिया केजरीवाल ने
प्रशांत सोनी, नई दिल्ली
दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को जन लोकपाल बिल का जो हश्र हुआ, उसे देखकर सरकार की मंशा पर भी कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि क्या सीएम अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार खुद ही नहीं चाहती थी कि बिल पेश हो।
यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है, क्योंकि जब स्पीकर से इजाजत लेकर सीएम केजरीवाल ने सदन में बिल पेश कर दिया था और स्पीकर ने उसे स्वीकार भी कर लिया था, उसके बावजूद सरकार और स्पीकर बिल पर वोटिंग कराने के लिए राजी क्यों हुए, जबकि यह तय था कि अगर वोटिंग हुई तो बिल पेश करने के खिलाफ ही होगी।
केजरीवाल गुरुवार को ही साफ कर चुके थे कि अगर सदन में बिल पेश करने या पास करने को लेकर वोटिंग होती है और फैसला बिल के और सरकार की मंशा के खिलाफ जाता है, तो वह इस्तीफा दे देंगे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या केजरीवाल खुद ही चाहते थे कि बिल को लेकर वोटिंग हो, ताकि उन्हें सरकार से एग्जिट करने का मौका और रास्ता मिल जाए।
दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को जन लोकपाल बिल का जो हश्र हुआ, उसे देखकर सरकार की मंशा पर भी कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि क्या सीएम अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार खुद ही नहीं चाहती थी कि बिल पेश हो।
यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है, क्योंकि जब स्पीकर से इजाजत लेकर सीएम केजरीवाल ने सदन में बिल पेश कर दिया था और स्पीकर ने उसे स्वीकार भी कर लिया था, उसके बावजूद सरकार और स्पीकर बिल पर वोटिंग कराने के लिए राजी क्यों हुए, जबकि यह तय था कि अगर वोटिंग हुई तो बिल पेश करने के खिलाफ ही होगी।
केजरीवाल गुरुवार को ही साफ कर चुके थे कि अगर सदन में बिल पेश करने या पास करने को लेकर वोटिंग होती है और फैसला बिल के और सरकार की मंशा के खिलाफ जाता है, तो वह इस्तीफा दे देंगे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या केजरीवाल खुद ही चाहते थे कि बिल को लेकर वोटिंग हो, ताकि उन्हें सरकार से एग्जिट करने का मौका और रास्ता मिल जाए।
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